दिनांक 31/01/2025 के घटना को लेकर दिनांक 02/02/2025 को धनबाद ट्रैफ़िक थानेदार द्वारा धनबाद थाना में पिंकू कुमार और गौरव पांडे द्वारा उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराया गया था, जबकि ट्रैफ़िक थानेदार द्वारा ही गौरव पांडे का हाथ मारकर तोड़ दिया गया था, जो सभी अखबारों में छपा भी था, बचाव पक्ष की ओर से जमानत पर ज़ोरदार बहस करते हुए अधिवक्ता गजेंद्र कुमार ने दलील दिया कि ट्रैफ़िक थानेदार ने अपनी गलती को ढकने के लिए आरोपियों पर ये झूठा केस किया गया था जिसका कई प्रमाण मौजूद है और दिनांक 02/02/2025 को पेपर में पढ़ने के बाद और गौरव पांडे द्वारा धनबाद थाना, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर, और एसएसपी को लिखित शिकायत के बारे में पता चलने के बाद ट्रैफ़िक थानेदार द्वारा ये झूठा मुकदमा किया गया था, अधिवक्ता गजेंद्र की दलीलों को सुनने के बाद माननीय न्यायालय द्वारा जमानत दे दिया गया, जिसमे उनका सहयोग शुभम पाठक ने किया,जबकि लोक अभियोजक द्वारा जमानत का कड़ा विरोध किया गया*
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