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जिंदगी बचाने की जंग हार गया परिवार; 7.5 लाख में बुक की थी एयर एंबुलेंस, घर पहुंचते ही टीवी पर देखी अपनों की मौत की खबर


रांची : झारखंड के चतरा में क्रैश हुआ एयर एंबुलेंस महज एक विमान हादसा भर नहीं है, बल्कि एक परिवार की उस टूटी हुई उम्मीद भी है जिसने अपने एक सदस्य को बचाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था।

लातेहार के चंदवा निवासी संजय कुमार के लिए जो विमान जीवन रक्षक बनकर उड़ा था, वही चंद मिनटों में काल का ग्रास बन गया।

जिंदगी बचाने की आखिरी उम्मीद टूट गई

लातेहार के चंदवा में रहने वाले संजय कुमार के घर में कुछ दिन पहले तक सब ठीक था। लेकिन दुकान में शॉर्ट सर्किट से लगी एक आग ने खुशियों को मातम में बदल दिया। संजय 63% तक झुलस गए। परिजनों ने रांची के देवकली अस्पताल में भर्ती कराया और इलाज चलता रहा। जब हालात नहीं सुधरे तो डॉक्टरों ने दिल्ली ले जाने की सलाह दी। सड़क के रास्ते ले जाने पर मरीज के लिए खतरनाक हो सकता था। परिवार ने उम्मीद नहीं छोड़ी और दिल्ली के बड़े अस्पताल में इलाज कराने के लिए करीब साढ़े सात लाख रुपये लगाकर एक एयर एंबुलेंस बुक की।

कुछ घंटों बाद टीवी पर देखी मौत की खबर

संजय के बड़े भाई विजय साहू रुंधे हुए गले से बताते हैं कि सड़क मार्ग से ले जाना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगा दी ताकि भाई को समय पर दिल्ली पहुंचा सकें। शाम 7 बजे जब रांची एयरपोर्ट से विमान ने उड़ान भरी, तो परिवार को लगा कि अब संजय सुरक्षित हाथों में हैं और ठीक होकर लौटेंगे। परिवार तसल्ली के साथ घर लौट आया। लेकिन घर पहुंचते ही जब उन्होंने टीवी चालू किया, तो स्क्रीन पर चल रही ब्रेकिंग न्यूज़ ने उनके पैरों तले जमीन खिसका दी। उन्हें क्या पता था कि जिस भाई इलाज के लिए उन्होंने दिल्ली के लिए विदा किया है, उसका सफर पड़ोस के जिले चतरा के जंगलों में ही खत्म हो जाएगा।

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