चार श्रम संहिताओं के विरोध में मजदूर किसानों का प्रदर्शन, मानटांड मोड़ पर चक्का जाम
तोपचांची, 12 फरवरी, मजदूर, किसान संगठनों द्वारा देशव्यापी आम हड़ताल और ग्रामीण बंद का तोपचांची प्रखंड के मानटांड़ मोड़ पर उच्च पथ को एक घंटे जाम किया गया तथा बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने मजदूरों के अधिकारों को कुचलने के लिए चार संहिताओं को संसद में जबरदस्ती पारित कराया. जो मजदूरों के मिले हुए अधिकारों को कुचलने और हड़ताल के अधिकार को छीनने के लिए है। चार संहिता लागू किये जाने से लगभग 70 प्रतिशत प्रतिष्ठानें श्रम कानून के दायरे से बाहर हो जाएंगे। झारखंड राज्य किसान सभा के जिला संयुक्त सचिव परशुराम महतो ने बंद का नेतृत्व करते हुए कहा कि मनरेगा को समाप्त कर ग्रामीण रोजगार पर कड़ा प्रहार किया गया है. सरकार बीज विधेयक लेकर आई है, जिससे बीजों का कारोबार करने वाली विदेशी कुख्यात कंपनियों को लाभ मिलेगा और हमारे कृषि विश्वविद्यालय और किसान समुदाय गंभीर खतरे में पड़ जाएंगे. भारतीय वस्तुओं पर 18 प्रतिशत टैरिफ और भारत में अमेरिकी वस्तुओं के आयात पर शून्य टैरिफ वाला अमेरिका के साथ नवीनतम समझौता हमारे किसानों, पशुपालन क्षेत्र और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए एक और झटका है। उन्होंने कहा कि आज मजदूर विरोधी चार संहिता के खिलाफ देशव्यापी ग्रामीण बंद के समर्थन में झारखंड राज्य किसान सभा की ओर से तोपचांची प्रखंड के मानटांड़ मोड़ पर उच्चपथ को दो घंटे जाम किया गया। कार्यक्रम में किसान सभा के जिला संयुक्त सचिव परशुराम महतो, सीटू के विकास कुमार ठाकुर, वरिष्ठ मजदूर नेता प्रभुलाल, किसान सभा से जयराम महतो, काली चरण महतो, बैजनाथ महतो, झगड़ू महतो, धारपति डोम, सोमर महतो, नारायण कुम्हार, गुलटन कुम्हार, रहीम अंसारी, गुड्डू अंसारी, दुर्गा ठाकुर, पिंटू महतो, नंदलाल महतो, जनवादी महिला समिति (एडवा) प्रखंड अध्यक्ष कुंती देवी,सचिव खुलो देवी, चेरकी देवी, झलवा देवी, आलवा देवी, रेशमी देवी, पुरनी देवी, मूंदी देवी, विमला देवी, पुसिया देवी, सुलोचना देवी, फूलमती देवी, झुनियां देवी, माधुरी देवी, नागेश्वरी देवी, रीटा देवी, बुधनी देवी आदि मौजूद थे।


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