धनबाद में निजी स्कूलों की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही है। धनबाद के उपायुक्त (DC) द्वारा री-एडमिशन फीस पर रोक लगाने के स्पष्ट आदेश के बावजूद कई प्राइवेट स्कूल अब “एनुअल फीस” डेवलपमेंट फीस के नाम पर अभिभावकों से पैसे वसूल रहे हैं।
जमीनी हकीकत यह है कि आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है, जबकि अभिभावक आज भी आर्थिक बोझ से परेशान हैं। हर साल नए-नए नाम देकर फीस वसूली जारी है, जिससे लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है।
👉 क्या प्रशासन इस पर सख्त कार्रवाई करेगा?
👉 कब रुकेगी निजी स्कूलों की मनमानी?
यह मुद्दा सीधे तौर पर आम परिवारों और बच्चों की शिक्षा से जुड़ा है, इसलिए अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।

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