संसद से लेकर सड़क तक सरकार को अपनी बात पहुंचायें और धनबाद को उजाड़ने से बचायें
टाटा कंपनी की 6 कोलियरियां संचालित , नहीं होती एक भी ढे़ला कोयला चोरी
क्यों नहीं कोल इंडिया भी मेगा प्रोजेक्ट के ई - ब्लॉक परियोजना को भूमिगत खदान में चलाए , ना ही 5 लाख लोग उजड़ेंगे और ना करोड़ों करोड़ का विस्थापन में होगा खर्च
कतरास को बचाने के लिए सभी को एक स्वर में करनी चाहिए सीबीआई जांच की मांग : बिजय कुमार झा
धनबाद : धनबाद की धरती पर टाटा कंपनी द्वारा संचालित 6 कोलियरियां हैं और सभी भूमिगत खदान है , एक ढेला भी कोयला चोरी नहीं होता है और ना ही कभी भूधंसान होता है , क्यों नहीं कोल इंडिया भी मेगा प्रोजेक्ट के ई - ब्लॉक परियोजना को भूमिगत खदान में चलाती है , ना ही 5 लाख लोग उजड़ेंगे और ना करोड़ों करोड़ विस्थापन पे खर्च होंगे और ना ही धनबाद उजाड़खंड में बदलेगा ।
समाजसेवी बिजय कुमार झा ने कहा है कि सभी को एक स्वर में आवाज उठानी चाहिए कि मेगा प्रोजेक्ट का ई- ब्लॉक परियोजना भूमिगत खदान के रूप में चलाया जाए , जिससे 5 लाख जीवन को राहत मिलेगी।
वोट दे देना ही पर्याप्त नहीं है , अपनी हक की आवाज भी बेहिचक सरकार तक पहुंचाना भी हर व्यक्ति का कर्तव्य है
अंडर ग्राउंड माइनिंग का सबसे सफल प्रयोग का उदाहरण कतरास ही है , वर्षों पूर्व माइनिंग हो चुका है कतरास में , नीचे माइनिंग , और ऊपर में पूरा शहर और शहर की सभी जरूरतें ।
आइये हम सब मिलकर भूमिगत खदान के लिए अपनी आवाज बुलंद करें , संसद से लेकर सड़क तक सरकार को अपनी बात पहुंचायें और धनबाद को उजाड़ने से बचायें।
कतरास को बचाने के लिए जितने भी संघर्ष मोर्चा बने हैं या बनेंगे, सभी को एक स्वर में सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए कि आखिरकार वे कौन लोग हैं जो कतरास को अवैध उत्खनन कर कोयला निकाल कर रिहाइशी इलाके को अस्थिर करना चाहते हैं और कतरास के चारों ओर खतरनाक इलाका बना दिया है।और तो और ऐसे लोगों को किसका संरक्षण प्राप्त होता है।

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