प्रतिबंधित अफ्रीकी मांगुर मछली का अवैध कारोबार एक बार फिर से परवान चढ़ने लगा है। पश्चिम बंगाल से मैथन के रास्ते इस खतरनाक मछली की तस्करी का खेल धड़ल्ले से जारी है, जिसे लेकर प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
तस्करी के मुख्य बिंदु
पश्चिम बंगाल की ओर से आने वाले पिकअप वैन और ट्रकों के जरिए चोरी-छुपे झारखंड में मछली की तस्करी की जा रही है।
बड़ा नेटवर्क
तस्करों द्वारा मैथन को एक सुरक्षित गलियारे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जहाँ से इसे झारखंड और बिहार के कई प्रमुख शहरों तक पहुंचाया जाता है।
ऊंचा मुनाफा और कमीशन:
इस प्रतिबंधित कारोबार के पीछे भारी मुनाफा और स्थानीय स्तर पर चलने वाला कमीशन का खेल है, जिसके चलते जानलेवा साबित होने वाली इस मछली की खरीद-फरोख्त को नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए क्यों है खतरनाक?
विशेषज्ञों के अनुसार, अफ्रीकी मांगुर मछली मांसाहारी होने के साथ-साथ गंदे पानी और कचरे में तेजी से पलती है। इसके सेवन से गंभीर बीमारियां होने का खतरा रहता है।

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