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Gomoh : पीएनएम कॉलेज को पोकलेन से तोड़ा गया, कॉलेज को कई लाख का हुआ नुकसान।

गोमो के समाज सेवी बीसी मंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि आज पीएनएम स्नातक कालेज को पोकलेन से तोड़ा गया। जिसमें कालेज को कई लाख रुपए का नुक़सान हुआ है। इसका दरवाजा खिड़की को मशीन से तोडने से सभी क्षतिग्रस्त हो गया है। अगर इसे आदमी लगाकर तोड़ा जाता तो दरवाजा ,खिड़की, ईटा ,रड आदि को सुरक्षित निकाला जा सकता था। मगर ऐसा क्यों नहीं किया गया। जबकि डेढ़ करोड़ रुपए का मुआवजा एक वर्ष पहले ही मिल चुका है। इसके इंट्रेस्ट के पैसे से हो जाता। कालेज प्रशासन को नुक्सान से क्या मतलब। ये जो नुक़सान हुआ है हम सब जनता का हुआ है। छात्र छात्राएं से विकास के नाम पर फीस लिया जाता है और कुछ पैसा सरकार देती है। सरकार द्वारा दिया हुआ वित्त या फिर छात्र छात्राएं द्वारा दिया हुआ विकास निधि सब हम सब जनता का ही है। कालेज प्रशासन को नुक्सान से कुछ भी लेना देना नहीं है। सुबह एक वीडियो आया था जिसमें देखा जा रहा है या तो कॉलेज प्रशासन रड को बेच रही है या फिर दिन में ही चोरी हो रहा है। प्रिंसिपल विधायक जी के पास गए थे। वे केवल जमीन का मुआवजा ओर बीसीसीएल बिल्डिंग के लिए रोना रोते हैं । मैं उन्हें सांसद महोदय के यहां 21 सितंबर 2025 को भेजा था। सांसद महोदय के पास भी जमीन मुआवजा ओर बिल्डिंग के बारे में ही बात किए। ओर सांसद महोदय से भु अर्जन अधिकारी को मुआवजा के लिए फोन कर दिया। इस बात की जानकारी प्रिंसिपल ने मुझे नहीं बताया। इसकी जानकारी आज मैं निचितपुर में जिला परिषद अध्यक्षा को नया बाजार रोड मरम्मत के लिए सामुहिक आवेदन देने गए थे। वहां स्वर्गीय बिनोद बिहारी महतो जी के 102 वीं जयंती पर सांसद महोदय भी आए हुए थे। उन्होंने ही बताए कि प्रिंसिपल मेरे यहां आए थे। उन्होंने बताया कि 2025-2026 का रशीद काटा हुआ है तो फिर मुआवजा कैसे नहीं मिलेगा। मैंने भू अर्जन अधिकारी को फोन कर मुआवजा देने को बोल दिया हूं। जब मैंने कहा सर क्लास रूम का वैकल्पिक व्यवस्था करना होगा। न कि जमीन की मुआवजा का बात है। ये सभी को बरगला रहे हैं।पता नहीं आगे का मंशा क्या है। हमें लगता है यहां के आम जनता को कुछ भी लेना देना नहीं है। आज अगर जागरूक नागरिक रहता तो कालेज प्रशासन से ये जबाब मांगता कि एक वर्ष पूर्व जब मुआवजा मिल गया था। तो आपने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए क्या किए। आज जो बिल्डिंग को पोकलेन मशीन से तोड़वाने पर जो कालेज को नुक़सान हुआ है उसका भरपाई कौन करेगा। ऐसे बहुत सारे बातों का जबाब मांगना चाहिए था। मगर सभी सोचते है हमको इससे क्या मतलब। इसी कारण से गोमो क्षेत्र में किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं हो पा रहा है। हमलोग कितने दिनों तक कुंभकर्ण का नींद सोते रहेंगे या फिर जागेंगे। और अपना अधिकार और शोषण के विरुद्ध कब आवाज के बुलंद करेंगे।

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