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Katras : आउटसोर्सिंग नहीं बीसीसीएल को ही देना होगा नियोजन और मुआवजा : मोर्चा

जमीन अधिग्रहण विवादः मधुबन बचाओ संघर्ष मोर्चा ने ग्रामीणों को किया एकजुट

मधुबन बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने सोमवार को मधुबन पंचायत सचिवालय में एक प्रेसवार्ता का आयोजन कर मधुबन बस्ती के ग्रामीणों और रैयतों को बीसीसीएल प्रबंधन की मंशा से अवगत कराया। मधुबन बचाओ संघर्ष मोर्चा के सदस्यों ने ग्रामीणों को बताया कि किस तरह बीसीसीएल प्रबंधन के द्वारा गांव के जमीन का एग्रीमेंट करने के बाद भी आज तक 25 नौकरी नही दिया गया है, और आउटसोर्सिंग कंपनी के लिए ग़ैराबाद एवं आबाद जमीन के नाम पर ग्रामीणों के जमीन को औने-पौने दाम में लुटने का प्रयास में लगा है।इसके विरोध में मधुबन बचाव संर्घष मोर्चा ने बीसीसीएल प्रबंधन प्रबंधन के बरोरा एरिया एक के महाप्रबंधक के आग्रह पर 18 सितंबर को वार्ता हेतु बरोरा क्षेत्रिय कार्यालय गए थे परन्तु वार्ता सफल नहीं हुई क्योंकि महाप्रबंधक ने कहा कि आपको मैसर्स इन्दु कुरी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के साथ हीं वार्ता करना होगा और क्योंकि वही आपके जमीन का अधिग्रहण करेगी और वही नौकरी और मुआवजा देगी। वार्ता विफल होने की स्थिति में इसके विरोध में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत 19 सितंबर को बरोरा क्षेत्रिय कार्यालय में धरना एवं विरोध प्रदर्शन किया गया । झारखण्ड सरकार के द्वारा गठित विषेश समिति प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण झारखण्ड विधान सभा समिति के अध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो, विधायक राज सिन्हा, विधायक अरूप चर्टजी, विधायक चन्द्रदेव महतो, विधायक उमाकान्त रजक एवं विधायक सुदीप गुड़िया के समक्ष सभी जमीन से संबंधित सभी कागजात जमा किया। जिस पर संज्ञान लेते हुए 20 सितंबर को समिति के अध्यक्ष एवं सभी सदस्यों ने मधुबन ग्राम के रैयतों के जमीन पर आकर जमीन को देखा एवं निरक्षण भी किया और पाया कि यहाँ ग्रामीणो का सुर्याही अखाड़ा, कर्मा अखाड़ा, जिउतिया अखाड़ा, शिव मंदिर काली मंदिर गाय बैल का गोठ, तालाब, कुआँ, नाला, शमशान घाट, बड़े बुर्जुग, बच्चे महिला एवं मवेशी का चारागाह इत्यादी सभी हैं जिसका उपयोग ग्रामीण करते हैं। इसीलिए समिति के सभी विधायक सदस्यों ने बीसीसीएल प्रबंधन बरोरा एरिया एक के महाप्रबंधक एवं मेसर्स इंदु कुरी प्राइवेट लिमिटेड आउटर्सोसिंग कंपनी के पदाधिकारीओं को जिला प्रशासन के सामने आदेश दिया कि ग्रामीण किसी भी कीमत पर अपनी जमीन बीसीसीएल प्रबंधन को देने के लिए तैयार नही है। इसके साथ साथ वर्षों से कंपनी के माध्यम से विभिन्न धौड़ा बसाया गया है जैसे खिलान धौड़ा, बाउरी धौड़ा, सोनानगर, बंगला धौड़ा, परसबनिया, न्यू क्वाटर आदी बसाया गया है। उसके लिए भी झारखण्ड सरकार को विस्थापन निति के तहत पुनर्वास निति का कोई विचार नहीं किया गया है और बीसीसीएल द्वारा मेसर्स इन्दु कुरी कम्पनी के गुंडो के द्वारा सर्वे कर यहाँ के ग्रामीण एवं क्लोनी वासियों को धमकाया जा रहा है। इसके साथ हीं मधुबन बचाव संर्घष मोर्चा के द्वारा समिति के सदस्यों को मधुबन रैयतो के जमीन की समस्या को विस्तार से बताया जिसपर समिति के सदस्यों ने गंभीरता पूर्वक विचार करने के बाद बरोरा महाप्रबंधक बीसीसीएल को स्पस्ट निर्देश दिया कि मधुबन में कर रहे सभी प्रकार के गतिविधीओं को तुरंत रोक दिया जाए और बोरिया बिस्तर लेकर निकलें। बाद में अगर सरकार कि सहमति होती है और मधुबन ग्राम के रैयत के मुताबीक ग्राम सभा में सहमति बनती है तभी किसी भी प्रकार का जमीन में काम होगा अन्यथा नही क्योंकि बीसीसीएल पूरे प्रकरण में खुद न आकर आउटर्सोसिंग कम्पनी को आगे कर के काम करना चाह रही है जो सरासर गलत है ।जिसका भारी विरोध ग्रामीणो का हमेशा रहेगा । बीसीसीएल को हीं बीसीसीएल में नियोजन मुआवजा एवं सारा सुविधा देना होगा। जिसपर मधुबन बचाव संर्घष मोर्चा के अध्यक्ष एवं सचिव ने समस्त मधुबन ग्रामीण महिला बच्चे, क्लोनी एवं धौड़ा वासियों कि ओर से समिति के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया ।मौके पर मधुबन मुखिया कमलेश्वर प्रसाद महतो, भाकपा माले राज्य सदस्य शेख रहीम,डेगलाल महतो, गोपाल महतो, वंशी महतो, राजेश महतो,स्वरुपानंद महतो, मकेश कुमार महतो, मनोज महतो, आदि मधुबन बचाव संघर्ष मोर्चा के सदस्य व ग्रामीण उपस्थित थे।

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