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Dhanbad : भारत में कहां है रावण का गांव, 3 युगों के बाद कैसे हैं हालात, आज भी क्यों रोते हैं ग्रामीण



जब पूरा देश दशहरे पर बुराई के प्रतीक के रूप में रावण के पुतले का दहन करता है, तब दिल्ली से सटे उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक गांव ऐसा भी है जहां इस दिन शोक मनाया जाता है. यह गांव है बिसरख, जिसे पौराणिक मान्यताओं के अनुसार रावण की जन्मस्थली माना जाता है.यहां रावण को जलाया नहीं, बल्कि उसकी विद्वता और ज्ञान के लिए पूजा जाता है। स्थानीय निवासियों और पौराणिक कथाओं के अनुसार,बिसरख गांव का नाम रावण के पिता ऋषि विश्रवा के नाम पर पड़ा. इसका प्राचीन नाम 'विश्वेशरा' था, जो समय के साथ बदलकर बिसरख हो गया. नोएडा के शासकीय गजट में भी इस गांव के ऐतिहासिक महत्व के साक्ष्य मौजूद हैं. शिवपुराण में भी इस स्थान का जिक्र मिलता है, जहां बताया गया है कि त्रेता युग में इसी गांव में ऋषि विश्रवा का जन्म हुआ और उन्होंने ही यहां एक शिवलिंग की स्थापना की थी।

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