झारखंड सरकार द्वारा JSSC CGL और JPSC परीक्षाओं के साथ-साथ आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) द्वारा 2014 से आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले से राज्य के प्रशासनिक, राजस्व, योजना और शिक्षा विभागों की नौकरियों पर सबसे बड़ा असर पड़ रहा है।
इस निर्णय से लगभग 1,900 से अधिक पदों पर नियुक्तियां सीधे रद्द हो गई हैं, जिससे मुख्य रूप से निम्नलिखित सरकारी विभागों (Departments) और पदों (Posts) की नौकरियों पर संकट आया है:
1. कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग (Personnel & Administrative Dept)असर: यह राज्य का मुख्य प्रशासनिक रीढ़ है। सीटीएल परीक्षा रद्द होने से सचिवालय के कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा।प्रभावित पद: सहायक प्रशाखा पदाधिकारी (Assistant Branch Officer - ABO) और कनीय सचिवालय सहायक (Junior Secretariat Assistant - JSA) के पद। इन प्रशासनिक पदों पर चयनित करीब 2,000 अभ्यर्थियों की नौकरी जाने का खतरा मंडरा रहा है।
2. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग (Food & Public Distribution Dept)असर: जिलों और प्रखंडों (Blocks) में राशन, खाद्य आपूर्ति और सरकारी वितरण प्रणाली की निगरानी प्रभावित होगी।प्रभावित पद: ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (Block Supply Officer - BSO)।
3. योजना एवं विकास विभाग (Planning & Development Dept)असर: राज्य के विकास कार्यों की रूपरेखा, डेटा एनालिसिस और सांख्यिकी (Statistics) से जुड़े विभागों में कार्यबल की भारी कमी होगी।प्रभावित पद: प्लानिंग असिस्टेंट (Planning Assistant)।
4. गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग (JPSC के अंतर्गत)असर: 14वीं जेपीएससी कंबाइंड सिविल सर्विसेज मुख्य परीक्षा और अन्य पूर्व परीक्षाओं (जो विवाद के घेरे में हैं) के रद्द होने से प्रशासनिक अधिकारियों की कमी होगी।
प्रभावित पद: झारखंड प्रशासनिक सेवा (Jharkhand Administrative Service), डीएसपी (Jharkhand Police Service), जिला समादेष्टा, और कारा अधीक्षक जैसे शीर्ष स्तर के राजपत्रित (Gazetted) पद।
5. महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभागअसर: टीडीपीएल (TDPL) के जरिए हुईं परीक्षाओं की जांच और निरस्तीकरण के दायरे में यह विभाग भी आ रहा है।प्रभावित पद: बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO) के पद।
6. स्वास्थ्य एवं खाद्य सुरक्षा विभागअसर: टीडीपीएल एजेंसी द्वारा आयोजित अन्य तकनीकी परीक्षाओं पर भी गाज गिरी है।प्रभावित पद: खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer - FSO)।
नौकरियों पर असर का मुख्य कारण क्या है?
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में कैबिनेट ने यह ऐतिहासिक फैसला इसलिए लिया क्योंकि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली के गंभीर आरोप लगे थे। इसकी जांच के लिए राज्य सरकार ने सीनियर आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक परीक्षा सुधार समिति का गठन किया है और 2014 से अब तक की सभी प्रभावित परीक्षाओं की सीआईडी (CID) जांच के आदेश दिए हैं।

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