धनबाद : यूएफबीयू के आह्वान पर 11 सितंबर 2026 को बैंक ऑफ इंडिया, जोनल ऑफिस, धनबाद के समक्ष बैंक अधिकारी एवं कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
हमारी मुख्य मांग — 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करो!
भेदभावपूर्ण पी एल आई वापस लो।
मई 2015 के समझौते के बाद दूसरे एवं चौथे शनिवार को अवकाश लागू हुआ और सभी शनिवारों को अवकाश देने का आश्वासन मिला। नवंबर 2020 में भी समाधान का आश्वासन दिया गया।
मार्च 2024 के वेतन समझौते में शेष शनिवारों को अवकाश देने पर सहमति बनी। इसके बदले सोमवार से शुक्रवार तक प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने पर यूनियनों ने सहमति दी। इसके बावजूद वित्त मंत्रालय की स्वीकृति आज तक लंबित है।
बैंक कर्मचारी कोरोना महामारी सहित हर कठिन परिस्थिति में जनता की सेवा में डटे रहे। बढ़ते कार्यभार के बीच बेहतर कार्य-जीवन संतुलन के लिए 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह हमारी जायज़ मांग है।
हमारी अन्य प्रमुख मांगें:
क्लेरिकल एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की पर्याप्त भर्ती करो
एनपीएस को पुरानी पेंशन योजना में परिवर्तित करो!
ग्रेच्युटी एवं पेंशन में सुधार करो!
पेंशनरों को समान महंगाई भत्ता एवं उचित अनुग्रह राशि दो!
अवकाश बैंक की शुरुआत करो!
सेवानिवृत्त कर्मचारियों के चिकित्सा बीमा का प्रीमियम बैंक द्वारा वहन करो
8–9 सितंबर 2026 की समझौता बैठक में भी 5 दिवसीय बैंकिंग सप्ताह पर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं मिली। अब केवल आश्वासन नहीं चलेगा — अपने अधिकार के लिए संघर्ष और तेज होगा!
धनबाद की सभा को बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारी संघ के सहायक महासचिव राकेश कुमार,राहुल देव,सुमित कुमार, केदार सिंह, विनोद, अभिषेक, शंकर, अमित बैंक ऑफ इंडिया अधिकारी संघ के कार्यकारिणी सदस्य अभिजीत गुप्ता, शशिशेखर कुमार तथा बैंक एंप्लॉय फेडरेशन ऑफ इंडिया
संदीप वासन— संयुक्त सचिव एस.एन. सिंह— अध्यक्ष
महादेव कुमार दास
सुभाष बाल्मीकिप्रतिनिधियों ने संबोधित किया और कर्मचारियों से एकजुट होकर संघर्ष को मजबूत करने का आह्वान किया।

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