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4.52 करोड़ रुपये का श्रम उपकर बकाया, श्रम विभाग की सख्त कार्रवाई


बीसीसीएल व दो संवेदक कंपनियों पर सर्टिफिकेट केस दायर

धनबाद : झारखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत देय श्रम उपकर की वसूली को लेकर श्रम विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। 4 करोड़ 52 लाख 36 हजार 199 रुपये के श्रम उपकर बकाया मामले में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) एवं उसकी दो संवेदक कंपनियों के खिलाफ सर्टिफिकेट केस दायर किया गया है।

सहायक श्रमायुक्त-सह-उपकर निर्धारण पदाधिकारी धनबाद प्रवीण कुमार ने बीसीसीएल के सीएमडी तथा एम/एस यूनिटी-वीसीएल (जेवी) और एम/एस यूनिटी-केसीपीएल (जेवी) के विरुद्ध जिला नीलाम पदाधिकारी, धनबाद की अदालत में यह मामला दर्ज कराया है। यह कार्रवाई भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत पारित आदेशों का अनुपालन नहीं करने पर की गई है।

श्रम विभाग द्वारा जारी विवरण के अनुसार, 4080 माइनर्स क्वार्टर (कर्माटांड़, कार्मिक नगर एवं अलकडीहा क्षेत्र) के निर्माण कार्य से संबंधित उपकर निर्धारण के तहत बीसीसीएल व एम/एस यूनिटी-वीसीएल (जेवी) पर 1 करोड़ 65 लाख 56 हजार 408 रुपये बकाया है। इस राशि पर 22 जुलाई 2025 से भुगतान की तिथि तक दो प्रतिशत प्रतिमाह की दर से ब्याज भी देय है, जो लगभग 3 लाख 31 हजार 128 रुपये प्रतिमाह बनता है।

वहीं, 4020 माइनर्स क्वार्टर (पूर्वी झरिया, गोविंदपुर, लोदना, चांच विक्टोरिया एवं बस्ताकोला क्षेत्र) के निर्माण कार्य से जुड़े मामले में बीसीसीएल एवं एम/एस यूनिटी-केसीपीएल (जेवी) पर 2 करोड़ 86 लाख 79 हजार 791 रुपये का श्रम उपकर बकाया है। इस पर भी 22 जुलाई 2025 से दो प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज, लगभग 5 लाख 73 हजार 595 रुपये हर माह देय होगा।

सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रम उपकर की राशि श्रमिकों के कल्याण की आधारशिला है। आदेशों की अवहेलना करने वाले नियोक्ताओं और संवेदकों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर बकाया राशि की वसूली की जाएगी। श्रम उपकर श्रमिकों के अधिकारों से जुड़ा विषय है और इसके भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

श्रम विभाग की इस सख्त पहल से बकाया श्रम उपकर रखने वाली अन्य कंपनियों और संवेदकों में हड़कंप मच गया है।

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