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नल-जल कनेक्शन को लेकर सतर्कता ज़रूरी, नियमों के विरुद्ध वसूली पर हो सकती है कार्रवाई


धनबाद/झारखंड।

वर्ष 2026 में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित *नल-जल योजना (हर घर नल-जल / जल जीवन मिशन)* के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ नगर निगम और नगर परिषद क्षेत्रों में भी नया जल *कनेक्शन पूर्णतः निशुल्क* दिए जाने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देना है।

हालांकि, हाल के दिनों में कुछ इलाकों में यह चर्चा सामने आ रही है कि *फ्री कनेक्शन की प्रक्रिया के नाम पर कुछ असामाजिक तत्व या बिचौलिये लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।* नियमों के जानकारों के अनुसार, योजना के अंतर्गत *कनेक्शन के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं है,* ऐसे में किसी भी स्तर पर धन मांगना नियमों के विपरीत माना जाएगा।

योजना की स्थिति

•ग्रामीण क्षेत्रों में *हर घर नल-जल योजना*

•शहरी क्षेत्रों में *नगर निगम/नगर परिषद की नई जलापूर्ति योजनाएँ*

इन सभी के अंतर्गत नया *वाटर कनेक्शन मुफ्त* है और इसका लाभ विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है।

*नियमों का उल्लंघन गंभीर विषय*

जानकारों का मानना है कि फ्री कनेक्शन के बदले *पैसे मांगना या लेना*

• धोखाधड़ी की श्रेणी में आ सकता है,

• सरकारी योजना के दुरुपयोग के अंतर्गत देखा जा सकता है,

और ऐसे मामलों में संबंधित कानूनों के तहत *कड़ी कार्रवाई संभव है।

आम लोगों के लिए जरूरी सतर्कता

योजना से जुड़े नियम स्पष्ट हैं— नया नल-जल कनेक्शन लेने के लिए *कोई राशि देय नहीं है*

किसी भी अनधिकृत व्यक्ति, दलाल या बिचौलिये के झांसे में न आएं

आधिकारिक प्रक्रिया और अधिकृत कार्यालय के माध्यम से ही आवेदन करें

नल-जल योजना पूरी तरह जनहित और निशुल्क है।

सरकारी नियमों की जानकारी रखना ही सबसे बड़ा बचाव है।

*एक भी पैसा न देना ही सही कदम है,* ताकि योजना का लाभ सही हाथों तक पहुँचे और नियमों के विरुद्ध काम करने वालों को हतोत्साहित किया जा सके।

यह खबर जनहित में जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की जा रही है।

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