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पूर्णिमा की मौत के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, मुआवजे की उठी मांग


12 वर्षीय बेटी और बुजुर्ग माता-पिता हुए बेसहारा, ग्रामीणों ने प्रशासन से मदद की लगाई गुहार

धनबाद : बीसीसीएल के जोगीडीह कोलियरी के कुछ दूरी पर खास टुंडू के समीप बंद पड़ी खदान में कोयला चुनने के दौरान बीते गुरुवार को मलबे में दबकर जान गंवाने वाली 37 वर्षीय विधवा पूर्णिमा देवी के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. घटना के एक दिन बाद शुक्रवार को भी उनके घर में मातम पसरा रहा और चूल्हा तक नहीं जला.पूर्णिमा देवी ही अपने वृद्ध माता-पिता और 12 वर्षीय पुत्री का एकमात्र सहारा थीं. परिजनों के अनुसार कुछ माह पहले ही ट्रैक्टर दुर्घटना में परिवार के एकमात्र कमाऊ बेटे की मौत हो गई थी. इसके बाद परिवार का भरण-पोषण करने के लिए पूर्णिमा देवी कोयला चुनने का काम करने लगी थीं. लेकिन गुरुवार को खदान धंसने से उनकी भी मौत हो गई।घटना के बाद ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा, बुजुर्ग माता-पिता के भरण-पोषण तथा मृतका की पुत्री की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार या संबंधित प्रबंधन द्वारा उठाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि रोजगार के अभाव में लोग जान जोखिम में डालकर अवैध खदानों में उतरने को मजबूर हैं.

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