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आज से शुरू हो रहा नौतपा, 25 मई से 9 दिनों में पड़ेगी भीषण गर्मी, जानें वजह


धनबाद : ज्योतिष में नौतपा को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते है और 9 दिनों तक यही बने रहते हैं। ज्योतिष में इसी अवधि को नौतपा कहा जाता है। इस बार 25 मई से लेकर 2 जून तक नौतपा रहेगा। इस दौरान सूर्य की किरणों से धरती अधिक तपती है।

मई का महीना शुरू हुआ और गर्मी ने अपना प्रचंड रूप दिखाना शुरु कर दिया है। अभी जून और जुलाई का महीना आना बाकी है। इन सब के बीच 25 मई से नौतपा की शुरुआत भी हो रही है। इन नौ दिनों में गर्मी अपने चरम पर होती है। नौपता का सीधा संबंध सूर्य के नक्षत्र परिवर्तन से है। आइए पंडित राकेश झा से जानते हैं कि नौतपा क्या है और इसके नौ दिनों तक क्यों पड़ती है भयंकर गर्मी।

नौतपा क्या है?

पंचांग के अनुसार, हर साल ज्येष्ठ मास के दौरान नौतपा का आरंभ होता है। इस दौरान सूर्य 15 दिनों तक रोहिणी नक्षत्र में भ्रमण करते हैं। इस 15 दिनों की अवधी के शुरुआती 9 दिनों को ही नौतपा कहा जाता है। इन दिनों में बारिश का होना बारिश के मौसम के लिए अच्छा नहीं मना जाता है। जबकि, नौतपा के दौरान बारिश का न होना मानसून में अच्छी बारिश का संकेत माना जाता है।

नौतपा कब से शुरू होगा?

ज्योतिष में नौतपा को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। 25 मई 2026 से 2 जून तक सूर्य वृषभ राशि में रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे और इसके बाद इसके बाद मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में सूर्य की इसी अवधि को नौतपा कहा जाता है। इन नौ दिनों तक सूर्य की किरणें सीधे पृथ्वी पर पड़ती हैं, जिसकी वजह से गर्मी का असर सबसे अधिक रहता है। 10वें दिन से सूर्य और पृथ्वी की दूरी बढ़ने लगती है। नौतपा के दौरान भयंकर गर्मी पड़ती है और देश के ज्यादातर हिस्सों में हीटवेव चल

नौतपा 2026 का महत्व

नौतपा के नौ दिनों को गर्मी के सबसे भीषण दिनों में गिना जाता है। इसे नवताप के नाम से भी जाना जाता है। खेती के लिए नौतपा बहुत जरूरी माना जाता है। इसको लेकर एक कहावत भी है 'तपै नवतपा नव दिन जोय, तौ पुन बरखा पूरन होय' यानी नौतपा के इन दिनों में जितनी अधिक गर्मी पड़ेगी आने वाले मानसून में उतनी ही अच्छी बारिश होगी। नौतपा के दौरान पानी का अधिक सेवन करना चाहिए। इस दौरान नारियल पानी, दही और मौसमी फलों शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।

नौतपा में सूर्य को प्रसन्न करने के उपाय

सुबह उठकर स्नान करने के बाद सूर्यदेव को अर्घ्य दें।

नौतपा के दिनों में आदित्य हृदय स्त्रोत का पाठ करें।

इस दौरान सूर्य मंत्र और सूर्य गायत्री मंत्र का जाप भी किया जा सकता है।

नौतपा के दौरान पानी का दान करना शुभ माना जाता है।

सूर्य को प्रसन्न करने के लिए गुड़, घी, गेहूं, लाल कपड़ा गरीबों को दान करें।

कोयलांचल क्राईम न्यूज की रिपोर्ट।।

नौतपा कब से शुरू होगा?

नौपता 25 मई 2026 से शुरू होगा और 2 जून तक रहेगा।

नौतपा कितने दिन रहता है?

नौपता 9 दिनों तक रहता है, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते है।

नौतपा में बारिश शुभ है या अशुभ?

नौपता के दिनों में बारिश को अशुभ माना जाता है।

नौतपा में क्या सावधानियां रखें?

नौपता के दौरान पानी का अधिक सेवन करना चाहिए। खुद को धूप से बचाकर रखना चाहिए।

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