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धनबाद जेल में विचाराधीन कैदी की मौत पर बवाल, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

धनबाद न्यूज़:-धनबाद मंडल कारा में बंद विचाराधीन कैदी 27 वर्षीय जीतन रजवार की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को SNMMCH अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पोस्टमार्टम के लिए शव अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में रखा गया था। जैसे ही परिजन अस्पताल पहुंचे और शव देखा, उनका गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने जेल प्रशासन और मृतक के ससुराल पक्ष पर साजिश के तहत हत्या कराने का गंभीर आरोप लगाया।

मृतक के पिता महेश रजवार ने कहा कि मंगलवार दोपहर करीब दो बजे प्रशासन की ओर से सूचना दी गई कि उनके बेटे की तबीयत खराब है। उन्होंने कहा, “हमने अपने बेटे को पुलिस को सही-सलामत सौंपा था, लेकिन आज उसका शव मिला है। ससुराल वालों ने पहले ही जेल में हत्या कराने की धमकी दी थी। यह पूरी तरह से साजिश के तहत की गई हत्या है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जीतन का साला मनोज रजवार पुलिस विभाग में कार्यरत है और उसी के प्रभाव का इस्तेमाल किया गया।

मृतक की मां मालो देवी ने भी बेटे की हत्या का आरोप लगाते हुए कहा कि “उसके साले ने पैसे देकर जेल में पिटवाया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

हालांकि, मौके पर मौजूद सरायढेला थाना के सब इंस्पेक्टर एल.एन. महतो ने कहा कि शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखा गया है। उन्होंने अस्पताल में किसी बड़े हंगामे से इनकार करते हुए कहा कि हत्या की आशंका परिजनों का आरोप है और यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी।

पोस्टमार्टम के लिए प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट रवि नाथ ठाकुर ने कहा कि उन्हें जिला प्रशासन की ओर से केवल पोस्टमार्टम प्रक्रिया की निगरानी के लिए भेजा गया है। परिजनों के आरोपों पर टिप्पणी करना उनका विषय नहीं है।

दरअसल, जीतन रजवार को 16 मई को अपनी पत्नी संजोती देवी की हत्या के आरोप में गोविंदपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। संजोती का शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। उसके पिता के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जीतन का एक चार वर्षीय बेटा भी है।

धनबाद मंडल कारा के जेलर दिनेश वर्मा के अनुसार, जेल लाए जाने के दौरान ही जीतन की तबीयत बिगड़ गई थी और वह बेहोश होकर गिर पड़ा था। उसे तत्काल सदर अस्पताल भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वापस जेल लाया गया। सोमवार देर रात उसकी हालत फिर खराब हुई और अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

जेल प्रशासन का कहना है कि मेडिकल जांच में उसमें मिर्गी जैसी बीमारी के लक्षण पाए गए थे। फिलहाल मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। वहीं, परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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