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गोमो में बिजली संकट पर एसडीओ का बड़ा बयान, जल्द मिलेगी राहत।


खेसमी-चीतरो के ग्रामीणों से सहयोग की अपील, नए फीडर से मजबूत होगी व्यवस्था

गोमो। गोमो सब डिवीजन के एसडीओ अरविन्द कुमार ने क्षेत्र में हो रही बिजली आपूर्ति की समस्या पर जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में गोमो पावर सब स्टेशन को बिजली आपूर्ति दुग्धा डीवीसी से की जाती है। बढ़ती गर्मी के कारण गोमो सब स्टेशन की बिजली मांग बढ़कर लगभग 12 मेगावाट (MW) तक पहुंच गई है, जबकि डीवीसी दुग्धा से केवल 7 से 8 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध हो पा रही है। इसी वजह से लोड शेडिंग कर विभिन्न फीडरों को संचालित करना पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि स्थिति में सुधार के लिए गणेशपुर पावर सब स्टेशन की बिजली आपूर्ति में आंशिक कटौती कर गोमो पावर सब स्टेशन को अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराई गई है। इसके परिणामस्वरूप अब गोमो क्षेत्र में प्रतिदिन लगभग 17 से 18 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है, जबकि पहले केवल 12 से 14 घंटे ही बिजली मिल रही थी।

एसडीओ ने खेसमी और चितरो पंचायत के ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वे तोपचांची से नए फीडर को जोड़ने के कार्य में सहयोग करें। इससे भविष्य में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेसमी एवं चितरो गांवों की विद्युत आपूर्ति गोमो पावर सब स्टेशन से ही जारी रहेगी और इसे स्थायी रूप से अलग नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यदि किसी तकनीकी कारण से गोमो सब स्टेशन की लाइन लंबे समय तक बाधित होती है, तो आपातकालीन स्थिति में अस्थायी रूप से तोपचांची से बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। वहीं रेलवे, रतनपुर, बीएसएनएल एक्सचेंज, चीराबाद और माथाटांड़ क्षेत्रों में 11000 अंडरग्राउंड केबल के माध्यम से बिजली आपूर्ति जारी रहेगी।

एसडीओ अरविन्द कुमार ने यह भी बताया कि झारखंड सरकार द्वारा दुग्धा में नया ग्रिड बनकर तैयार है। हालांकि टावर निर्माण का कार्य अभी पूर्ण नहीं हो पाया है। यह कार्य जल्द पूरा होने के बाद गोमो पावर सब स्टेशन को पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी और क्षेत्र में लोड शेडिंग की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।

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