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ऑनलाइन गेमिंग ने छीनी इंसानियत! पैसों की हवस में दोस्त ने ही रची बीसीसीएल कर्मी की खौफनाक हत्या, 24 घंटे में पुलिस ने खोला राज

 


धनबाद : ऑनलाइन गेमिंग की लत किस हद तक किसी इंसान को अपराध की दुनिया में धकेल सकती है, इसका भयावह उदाहरण धनबाद में सामने आया है। यहां पैसों की तंगी और ऑनलाइन गेम में लगातार हो रहे नुकसान ने एक युवक को इतना अंधा बना दिया कि उसने अपने ही दोस्त की बेरहमी से हत्या की साजिश रच डाली। बीसीसीएल कर्मी 57 वर्षीय जयराम मांझी की हत्या केवल लूट के लिए नहीं, बल्कि उनके बैंक खाते में जमा रकम हथियाने की सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। हालांकि, धनबाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

23 जुलाई को कतरास थाना क्षेत्र के ईस्ट बसुरिया ओपी अंतर्गत सोरीटांड़-कौशलपुरम के पास झाड़ियों में जयराम मांझी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। शव के सिर और चेहरे को पत्थर से इतनी बेरहमी से कुचला गया था कि पहली नजर में ही यह स्पष्ट हो गया था कि हत्या बेहद निर्ममता से की गई है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतक की कार भी लावारिस हालत में मिली। मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और लगातार छापेमारी के आधार पर पुलिस ने तेतुलमारी के खास सिजुआ निवासी कुंदन कुमार और उसके साथी प्रेम चौहान उर्फ पुष्पा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा कर दिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी कुंदन कुमार एक निजी कंपनी में काम करता था, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण वह लगातार आर्थिक संकट में फंसता जा रहा था। गेम में पैसे हारने के बाद उसने जल्दी पैसा कमाने का रास्ता तलाशा। इसी दौरान उसकी दोस्ती बीसीसीएल कर्मी जयराम मांझी से हुई। आरोपी को विश्वास था कि जयराम मांझी के बैंक खाते में अच्छी-खासी रकम जमा है। इसी लालच में उसने अपने साथी के साथ मिलकर पहले हत्या की योजना बनाई और फिर सुनसान जगह पर ले जाकर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी, ताकि एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेजों की मदद से बैंक खाते से पैसे निकाले जा सकें।

लेकिन अपराधियों की यह साजिश सफल नहीं हो सकी। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना लोहे का पाइप, पत्थर, मोटरसाइकिल, मृतक का मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए। आरोपियों के खून लगे कपड़े और मोबाइल फोन भी पुलिस ने जब्त कर लिए हैं।

ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधान, तकनीकी साक्ष्यों और एसआईटी की तेज कार्रवाई के कारण महज 24 घंटे के भीतर इस ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग की लत से पैदा होने वाले खतरनाक सामाजिक और मानसिक प्रभावों की भी गंभीर चेतावनी है। आसान पैसे की चाह में एक युवक ने दोस्ती, विश्वास और इंसानियत—तीनों का गला घोंट दिया। धनबाद में हुई इस वारदात ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।

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