नयी दिल्ली : दिल्ली पुलिस के सारे सुरक्षा इंतजाम सोमवार को तब नाकाम साबित हुए, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च सच में संसद भवन के पास तक पहुंच गया। कई साल से पुलिस सारे संसद मार्च को संसद मार्ग थाने के पास रोक लेती थी।
यह वर्षों बाद हुआ है कि कोई संसद मार्च संसद भवन के पास तक पहुंच गया हो। सुरक्षा बलों ने मार्च में शामिल लोगों को और आगे बढ़ने से रोकने के लिए संसद भवन के ठीक सामने रेल भवन और कृषि भवन के गोलंबर के पास लाठीचार्च और आंसू गैस फायर किया है। मार्च के पास आने की जानकारी मिलते ही संसद का गेट सुरक्षा बलों ने बंद कर दिया, जिसके वीडियो वायरल हैं। संसद के अंदर सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। जवानों ने कई स्तर का सुरक्षा घेरा बना रखा है।
संसद भवन के सामने की सड़क पर आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद अफरातफरी के बीच भाग रहे लोगों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है। प्रेस क्लब, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब और रिजर्व बैंक के पास संसद की तरफ बढ़ रहे लोगों को लाठी और आंसू गैस के इस्तेमाल से रोका जा रहा है। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार खुद संसद मार्ग थाना में बैठकर हालात की निगरानी कर रहे हैं। इस बीच सरकार और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे लोगों के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है।
सोनम वांगचुक के कहने पर अभिजीत दीपके ने अनशन तोड़ा
नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन शुरू किया था। आंदोलन के 23वें दिन कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके का तीन दिन पुराना अनशन टूट गया है। उन्हें वांगचुक की तरफ से अनशन तोड़ने का संदेश मिलने की बात कही गई है। सोनम ने अनशन तोड़ने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं, जिसमें प्रधान का इस्तीफा शामिल नहीं है। सरकार ने आंदोलन को खत्म करने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी को बातचीत के लिए बुलाया है। पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका सरकार के बुलावे पर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से बात करने गए हैं।

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