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कतरास में बीसीसीएल की विधवा कर्मी से ₹24 लाख की ठगी, पीएफ लोन के नाम पर जालसाजी


20 लाख रुपए लोयाबाद निवासी संजय साव के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए, जबकि शेष 4 लाख रुपए लकड़का कटहल धौड़ा निवासी रीता देवी के खाते में भेजे गए।

कतरास। बीसीसीएल एरिया-4 में कार्यरत एक विधवा महिला कर्मी शांति देवी से 24 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। जालसाजों ने पीएफ (PF) से लोन दिलाने का झांसा देकर उनके खाते से बड़ी रकम हड़प ली। पीड़िता ने कतरास थाना में लिखित शिकायत दे कर न्याय की गुहार लगाई है।

शांति देवी के अनुसार, उन्हें अपने बेटे के इलाज के लिए पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी बीच बांसजोड़ा निवासी संजय साव ने उन्हें किस्तों पर 6 लाख रुपये का कर्ज दिया। इसके बाद बाकी राशि की व्यवस्था कराने के नाम पर आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।

आरोप है कि पीएफ से अधिक राशि का लोन दिलाने के बहाने शांति देवी का पुराना बैंक खाता बंद करवाकर नया खाता खुलवाया गया। इसी नए खाते के माध्यम से कुल 24 लाख रुपए का पीएफ लोन स्वीकृत कराया गया। रकम खाते में आते ही कथित रूप से 20 लाख रुपए लोयाबाद निवासी संजय साव के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए, जबकि शेष 4 लाख रुपए लकड़का कटहल धौड़ा निवासी रीता देवी के खाते में भेजे गए।

आरोपी ने आरोपों से किया इनकार

मामले में मुख्य आरोपी संजय साव ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि शांति देवी ने पहले लोयाबाद थाना में शिकायत की थी, जिसका पूरा विवरण पुलिस को दिया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि ग्रामीणों की मौजूदगी में रीता देवी के साथ 4 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर आपसी समझौता हो गया था और संबंधित चेक भी वापस ले लिया गया है।

पुलिस जांच में जुटी

एक ओर जहां पीड़िता इसे सुनियोजित धोखाधड़ी बता रही हैं, वहीं आरोपी इसे आपसी समझौते का मामला बता रहा है। कतरास पुलिस ने शिकायत स्वीकार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बिना पीड़िता की जानकारी के इतनी बड़ी राशि कैसे ट्रांसफर हुई, नया खाता खुलवाने के पीछे क्या मंशा थी, और क्या यह किसी बड़े वित्तीय गिरोह से जुड़ा मामला है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कथित समझौता कहीं दबाव में तो नहीं कराया गया।

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