-->

धनबाद के निरसा में ठप पड़ा एलिवेटेड फ्लाईओवर का काम, सांसद और विधायक में जुबानी जंग तेज

धनबाद  : धनबाद के निरसा में करीब 400 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बनने वाले एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले डेढ़ महीने से पूरी तरह बंद है. विकास का यह बड़ा काम शुरू होने से पहले ही सियासत की भेंट चढ़ चुका है. इस ठप पड़े काम को लेकर धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो और निरसा विधायक अरूप चटर्जी के बीच राजनीतिक जंग तेज हो गई है. सांसद ढुल्लू महतो ने विधायक पर ‘रंगदारी’ का आरोप मढ़ा है, तो वहीं विधायक अरूप चटर्जी ने इसे स्थानीय लोगों के ‘रोजगार और मान-सम्मान’ की लड़ाई बताते हुए ठेकेदारों पर ‘माफिया’ को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है.

सांसद ढुल्लू महतो का तीखा हमला

सांसद ढुल्लू महतो ने एक प्रेस वार्ता कर निरसा विधायक अरूप चटर्जी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने निरसा विधायक को अनुकंपा विधायक करार दिया है. सांसद ने कहा, “अरूप चटर्जी के पिता जब विधायक थे, उस समय भी मैं विधायक था. अरूप चटर्जी अनुकंपा पर विधायक बने हैं. ऐसे लोगों को जनता या जमीन के दर्द से कोई मतलब नहीं होता.” धनबाद सांसद ने दावा किया कि निरसा विधायक सरेआम बोल रहे हैं कि कंपनी वालों को उनसे मिलना चाहिए. अगर उन्हें रंगदारी चाहिए, तो वे खुलकर बोलें. सांसद ने आगे यहां तक कहा कि इस फ्लाईओवर को धरातल पर उतारने का पूरा प्रमाण उनके पास है. विधायक पैसा कमाने के लिए इस तरह का धंधा बना कर रखे हुए हैं. निरसा विधायक में इतनी हिम्मत नहीं है कि वे इस जनहित के काम को रोक सकें 

विधायक अरूप चटर्जी ने किया पलटवार

इधर, दो-तीन दिन पहले निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने भी मीडिया के सामने अपना रुख साफ करते हुए सांसद के दावों को खारिज किया है. विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि इस फ्लाईओवर के सैंक्शन (मंजूरी) होने में सांसद ढुल्लू महतो का कोई हाथ नहीं है. सांसद चुनाव से बहुत पहले ही इसका टेंडर और सारा काम हो चुका था. विधायक का आरोप है कि डेढ़ साल से काम चल रहा है, लेकिन मेन ठेकेदार कहीं और बैठा है. सब-कॉन्ट्रैक्ट किसी तीसरे को दे दिया गया है जो माफिया प्रवृत्ति के हैं. ये लोग स्थानीय लोगों को डरा-धमकाकर और दबंगई से काम करना चाहते हैं. स्थानीय लोगों को न बालू-गिट्टी की सप्लाई में और न ही मैनपावर में रोजगार दिया गया.

मान-सम्मान की बात : अरूप चटर्जी

अरूप चटर्जी ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं. इस प्रोजेक्ट के लिए हमने रघुवर दास की सरकार के समय केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से दिल्ली में मीटिंग की थी, तब यह पास हुआ था. लोकल एमएलए होने के नाते जो सम्मान मिलना चाहिए, वह नहीं मिला. जब तक मेन ठेकेदार सामने नहीं आता और स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं मिलता, तब तक काम नहीं होने दिया जाएगा. हम निरसा को माफिया नगरी नहीं बनने देंगे.”

ग्राउंड रिपोर्ट : आखिर क्यों बंद है डेढ़ महीने से निर्माण कार्य?

राजनीतिक बयानों से इतर धरातल पर काम बंद होने की मुख्य वजह स्थानीय विरोध है. निरसा में एलिवेटेड फ्लाईओवर निर्माण को लेकर सबसे पहले सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई, जिसके बाद गार्ड वालिंग का काम शुरू हुआ. इसी दौरान भाकपा माले से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया. उनकी मांग है कि स्थानीय बेरोजगारों को इस 400 करोड़ के प्रोजेक्ट में नियोजन (रोजगार) दिया जाए. इसके साथ ही उन्होंने पेड़ों की कटाई के लिए विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) दिखाने और पर्यावरण से जुड़ी अन्य शर्तों को पूरा करने की मांग को लेकर काम रुकवा दिया. राजनीतिक रस्साकशी के कारण पिछले 45 दिनों से साइट पर सन्नाटा पसरा हुआ है.

Post a Comment

0 Comments