रांची।* मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद अब दागी पदाधिकारियों को फील्ड से हटाने की तैयारी है। ये वैसे पदाधिकारी हैं जो आम जनता के बीच में काम करते हैं और विवादों में रहे हैं।
खासकर विवादित रहे थानेदार और अन्य जूनियर अधिकारियों की सूची तैयार की जा रही है।
यह निर्णय पूर्व की घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। अपने कार्य के प्रति शिथिल रहे वैसे निष्क्रिय पदाधिकारी, जिनके चलते कांडों का त्वरित व गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान नहीं हो पाता है। जिनके विरुद्ध विभागीय जांच व भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायतें लंबित हैं, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। ऐसे अधिकारियों की गोपनीय रिपोर्ट ली जा रही है।
बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य में बड़े पैमाने पर थानेदारों का भी स्थानांतरण-पदस्थापन होगा। दागी पदाधिकारियों को जिलों से हटाकर इकाइयों में पदस्थापित किया जाएगा।
गंभीर घटनाओं के बाद सीएम का आदेश
पूर्व में घटित कई घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिया था। पिछले दिनों बोकारो में एक छात्रा के अपहरण मामले में लापरवाही बरतने के मामले में वहां के पिडराजोरा के तत्कालीन थानेदार अभिषेक रंजन, अनुसंधानकर्ता अनिकेत कुमार आदि पर साक्ष्य छुपाने व लापरवाही का आरोप लगा था।
झारखंड उच्च न्यायालय की फटकार के बाद जांच तेज हुई और छात्रा का कंकाल बरामद मिला। इसके बाद पूरे थाने के 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था।
चतरा जिले के वशिष्ठ नगर जोरी थानेदार प्रभात कुमार और सब-इंस्पेक्टर अभय कुमार पर सड़क दुर्घटना मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए 30,000 रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा था।
ऑडियो सामने आने के बाद दोनों तत्काल निलंबित किए गए थे। पहले भी आम जनता से दुर्व्यवहार आदि मामले में कई पदाधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। ये सभी दागी की सूची में शामिल हो सकते हैं।

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