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कतरास के केशलपुर में भीषण भू-धंसान, कई मकान जमीन में समाए, दहशत में लोग


बीते 5 सितंबर को भी घटी थी घटना, 7 लोगों की हुई थी मौत, मची थी भारी तबाही

कतरास: कोयलांचल के कतरास में भू-धंसान का खतरा एक बार फिर भयावह रूप में सामने आया है। रविवार सुबह कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत रामकनाली ओपी के केशलपुर मुंडा धौड़ा में अचानक तेज धमाके जैसी आवाज के साथ जमीन धंस गई। देखते ही देखते करीब 60 फीट क्षेत्र की जमीन नीचे समा गई और वहां मौजूद करीब आधा दर्जन खाली आवास पूरी तरह जमींदोज हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर घरों से बाहर निकल आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब साढ़े सात बजे जोरदार आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में जमीन फटने लगी और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए। आसपास की जमीन में भी गहरी दरारें पड़ गईं। गनीमत रही कि जिन मकानों पर भू-धंसान हुआ, वे खाली थे। यदि उन घरों में लोग मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

भू-धंसान की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने रामकनाली ओपी पुलिस और AKWMC कोलियरी प्रबंधन को जानकारी दी। इसके बाद कोलियरी के अधिकारी और सीआईएसएफ की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे इलाके को लाल फीता लगाकर घेर दिया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति खतरे वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।घटना में कई परिवारों का घरों में रखा सामान भी मलबे में दब गया। प्रभावित लोगों में अनवर अंसारी, गीता देवी, राजू गुप्ता, विंदा देवी सहित अन्य परिवार शामिल हैं। इन परिवारों को पहले ही रामकनाली कोलियरी कार्यालय के समीप पुनर्वास के लिए जमीन आवंटित की जा चुकी थी। कुछ लोगों ने वहां नए घर बना लिए हैं, जबकि कुछ के मकान अभी निर्माणाधीन हैं। लगातार हो रही भू-धंसान की घटनाओं से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इसी इलाके में कई बार जमीन धंस चुकी है, जिससे कई परिवार बेघर हुए थे। लोगों का आरोप है कि बार-बार चेतावनी के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।

कुछ दिन पहले कतरी नदी के अवैध मुहानों में नदी का पानी घुसने का वीडियो हुआ था वायरल

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि भू-धंसान स्थल के पास कतरी नदी और हनुमान मंदिर स्थित हैं। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। आशंका जताई जा रही है कि यदि पानी का दबाव और बढ़ा तो आसपास के क्षेत्र में भू-धंसान का खतरा और गंभीर हो सकता है। कुछ दिन पहले गजलीटांड़ क्षेत्र में नदी का पानी अवैध खनन वाले हिस्से में घुसने की घटना भी सामने आई थी। ऐसे में नदी के अस्तित्व पर भी खतरा मंडराने लगा है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करने का मांग किया है।

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